एडीएम विवेक राय ने अधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, वर्ष 2003 से 2025 तक मतदाताओं की मैपिंग पर जोर
भीमताल, 14 मई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में फोटोयुक्त विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) की तैयारियों को लेकर जनपद स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्ष 2025 की सूची तक मतदाताओं की मैपिंग की प्रगति का आकलन किया गया।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से बैठक हुई। इसमें सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और आयोग द्वारा अधिसूचित विभागों के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में एडीएम विवेक राय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली के प्रत्येक मतदाता की वर्तमान सूची से सही एवं शुद्ध मैपिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही अनमैप्ड मतदाताओं की सूची का गंभीरता से परीक्षण करने को कहा गया।
उन्होंने एआरओ नेट सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्राप्त विसंगतियों (एनोमली) की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जाएं। इसके अलावा एआरओ नेट में प्रदर्शित अनियमितताओं के आधार पर मतदाताओं के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की जानकारी दी जाए।
एडीएम ने निर्देश दिए कि ई-रोल अपडेट से संबंधित कोई भी प्रपत्र “एक्सेप्टेड” अवस्था में लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रपत्र-6, 7 एवं 8 को क्रमशः 15, 30 एवं 45 दिनों से अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी ईआरओ और एईआरओ के पास ईसीआईनेट में अकाउंट होना अनिवार्य है तथा सभी अधिकारी सफलतापूर्वक लॉग-इन कर सकें। साथ ही ईसीआईनेट ऐप सभी बीएलओ और निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों के मोबाइल फोन में डाउनलोड होना चाहिए।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेई, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे, तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे सहित विभिन्न तहसीलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

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