भीमताल। जमरानी क्षेत्र में निर्माणाधीन बांध परियोजना को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। भीमताल विधानसभा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने आरोप लगाया है कि बांध निर्माण कार्य के दौरान भारी मात्रा में गंदगी सीधे गौला नदी में बहाई जा रही है, जिससे हल्द्वानी शहर सहित नदी से सटे कई गांवों की पेयजल व्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान गौला नदी की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। निर्माण कंपनी द्वारा हजारों मजदूरों के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिसके चलते मजदूर नदी में ही शौच व स्नान करने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर नदी के पानी की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी इसी प्रकार की लापरवाही के कारण जमरानी व आसपास के क्षेत्रों में महामारी फैल चुकी है, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए थे। वर्तमान हालात भी उसी दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई किलोमीटर तक दुर्गंध फैली हुई है और खनन कार्य में लगी भारी गाड़ियों से उड़ती धूल ने लोगों का जीवन दूभर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों से लेकर आम नागरिकों तक को आवाजाही में कठिनाई हो रही है और लोग मजबूरी में दूषित पानी पीने को विवश हैं।
कांग्रेस नेता ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग, बांध निर्माण कंपनी तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिम्मेदार लोग इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक ओर आम जनता को दूषित पानी पीना पड़ रहा है, वहीं जिम्मेदार लोग सुरक्षित पेयजल का उपयोग कर रहे हैं।
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कंपनी द्वारा स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने मशीनों व वाहनों में भी बाहरी दबाव की बात कहते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर जनता को दूषित पानी से निजात दिलाने की मांग की है।

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