पीपलपानी और भात खाने से नहीं, जनता की समस्याओं के समाधान से तय होगी राजनीति: मनोज शर्मा

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भीमताल। विधानसभा भीमताल में पिछले करीब 10 वर्षों से भाजपा नेताओं की कार्यशैली पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने राजनीति को जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय लोगों के सुख-दुःख में शामिल होने और पीपलपानी आदि कार्यक्रमों में पहुंचने तक सीमित कर दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता का मतलब जनता की समस्याओं का समाधान करना है, केवल पीपलपानी और भात खाने से जनता का भला नहीं होगा।

मीडिया को जारी बयान में मनोज शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता के सुख-दुःख में शामिल हों। यदि हर व्यक्ति के घर पहुंचना संभव नहीं है तो कम से कम क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भीमताल विधानसभा में सड़कों और पैदल रास्तों की स्थिति बदहाल है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को इन समस्याओं पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

चुनावी आहट के साथ बढ़े राजनीतिक दौरे

मनोज शर्मा ने कहा कि चुनावी आहट के साथ भीमताल विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा नेताओं के दौरे और पीपलपानी आदि कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा सत्ता में है तो क्षेत्र की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है। चुनाव दर चुनाव तैयारियों में जुटने के बजाय जनता के मुद्दों पर काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं जनता के सामने बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में केवल राजनीतिक भ्रमणों से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता। जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब देना चाहिए।

युवाओं से सवाल पूछने का किया आह्वान

कांग्रेस नेता ने युवाओं से आह्वान किया कि जब भी भाजपा का कोई नेता उनके क्षेत्र में पहुंचे तो उससे क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सवाल करें। उन्होंने कहा कि पूछा जाना चाहिए कि यदि सरकार ने विकास कार्य किए हैं तो क्षेत्र में बदहाली क्यों दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है।

मनोज शर्मा ने कहा कि सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों को चुनावी गतिविधियों से पहले जनता की पीड़ा समझनी चाहिए। जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, ऐसे में राजनीतिक दौरों से अधिक जरूरी समस्याओं का स्थायी समाधान करना और सत्ता धर्म निभाना है।




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