कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने मंत्री राम सिंह कैड़ा के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

Estimated read time 1 min read





भीमताल। बागेश्वर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भीमताल विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा द्वारा दिए गए बयान, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “इस युग के भगवान” बताया, पर भीमताल विधानसभा से कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने मीडिया को जारी बयान में इसे सनातन परंपराओं और देवी-देवताओं का अपमान बताया।
शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी प्रायः वे नेता करते हैं, जिनके पास अपनी विशेष उपलब्धियां नहीं होतीं और जो धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म जैसे संवेदनशील विषय पर बिना पर्याप्त जानकारी के टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि अनंत और सर्वशक्तिमान परमेश्वर कोई साधारण मनुष्य नहीं हो सकता। राजनीति में कई मुद्दे हैं, लेकिन किसी को प्रसन्न करने के लिए किसी सामान्य व्यक्ति को सार्वजनिक मंचों से भगवान कहना उचित नहीं है।
शर्मा ने यह भी कहा कि एक सिद्ध महात्मा, जो पूर्ण विधि-विधान से शंकराचार्य बने हैं, उनके प्रति अपमानजनक व्यवहार किया जाता है, जबकि राजनीतिक स्वार्थों के लिए किसी इंसान को “इस युग का भगवान” कहना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में जिम्मेदार नेताओं की इस तरह की बयानबाजी धर्म और देवी-देवताओं का सहारा लेकर अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास है और यह गलत परंपरा की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के लगभग 10 वर्ष पूरे होने वाले हैं, ऐसे में नेताओं को सरकार के कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता के सामने रखना चाहिए।
मीडिया के माध्यम से सरकार से सवाल पूछते हुए मनोज शर्मा ने कहा कि सरकार बताए कि बीते 10 वर्षों में कितने युवाओं को रोजगार दिया गया, कितनी भर्ती परीक्षाएं बिना पेपर लीक के संपन्न हुईं और कितनी परीक्षाओं के बाद चयनित अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति मिली।
उन्होंने यह भी पूछा कि उत्तराखंड में पिछले 10 वर्षों में कितने नए औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने निवेश किया और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय स्थापित सिडकुलों में उत्तराखंड के युवाओं को स्थायी रोजगार कितना मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षित युवाओं का 10 से 15 हजार रुपये के वेतन पर 12-12 घंटे शोषण हो रहा है तथा सरकार ने उनके भविष्य की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है।
शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी सरकार के समय जारी वह शासनादेश, जिसमें सिडकुलों में 70 प्रतिशत रोजगार उत्तराखंड के युवाओं को देना अनिवार्य बताया गया था, वर्तमान में लागू है या नहीं।
उन्होंने कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। आरोप लगाया कि इन विषयों से बचने के लिए धार्मिक भावनाओं का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है।




You May Also Like

+ There are no comments

Add yours