कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और मातृ-शिशु पोषण पर दिया जोर

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भीमताल । विकास भवन सभागार, भीमताल में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी अनामिका की अध्यक्षता में बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित पोषण माह की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले में चिन्हित कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की एनिमिया जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुलें तथा पंजीकृत लाभार्थियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत पोर्टल पर दर्ज की जाए। पोषण ट्रैकर एप में FRS (Facial Recognition System) की तकनीकी समस्याओं पर विभागीय अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की केंद्रवार सूची तैयार कर प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया। सीडीओ ने आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा चिन्हित कुपोषित बच्चों की प्रोफाइल तैयार करने और उनके माता-पिता/अभिभावकों की काउंसलिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की सूची पोषण ट्रैकर पोर्टल से मिलान कर अपात्र लाभार्थियों को हटाने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा पेयजल विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा, डॉ. रेनू मर्तोलिया, शिल्पा जोशी, पूनम रौतेला, पार्वती कोरंगा, तुलसी बोरा, किरनलता जोशी, नीता दीक्षित, अनिता सक्सेना और गीता आर्या सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




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