सातताल में बर्ड वॉचिंग पर रोक की अफवाह से बर्ड गाइडों में रोष, वन विभाग को सौंपा ज्ञापन

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भीमताल: सातताल और उसके आसपास के क्षेत्रों में बर्ड वॉचिंग पर पूर्ण प्रतिबंध की अफवाह फैलने के बाद स्थानीय बर्ड गाइडों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस खबर के फैलते ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सातताल बर्ड गाइड यूनियन ने उप वन प्रभागीय अधिकारी ममता चंद को ज्ञापन सौंपकर बर्ड वॉचिंग गतिविधियों को पूर्व की भांति सुचारू रूप से संचालित रखने की मांग की।
यूनियन ने ज्ञापन में कहा कि सातताल क्षेत्र पिछले 25 वर्षों से देश-विदेश के पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां की जैव विविधता और पक्षियों की अनेक प्रजातियां पर्यटकों को खींच लाती हैं, जिससे न सिर्फ क्षेत्रीय लोगों को रोज़गार मिलता है, बल्कि उत्तराखंड पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
स्थानीय गाइडों का कहना है कि बर्ड वॉचिंग उनका मुख्य आजीविका स्रोत है। यदि इस पर रोक लगती है, तो सैकड़ों परिवारों का पेट भरने का जरिया खत्म हो जाएगा। यूनियन ने यह भी मांग की है कि झूठी खबर फैलाने वाले लोगों की जांच कर उन पर उचित कार्रवाई की जाए।
गाइडों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर वन विभाग को गुमराह कर रहे हैं और बर्ड वॉचिंग बंद करवाने की साजिश रच रहे हैं। ऐसे लोगों की मंशा क्षेत्रीय विकास व रोज़गार के अवसरों को बाधित करने की है।
ज्ञापन देने वालों में विनोद कुमार ,प्रभु हजारा ,योगेश बिष्ट ,हेमंत कुमार,आसिफ, संजय कुमार,जीवन कुमार ,अंकित दास ,प्रवीन रावत आदि रहे ।




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