जनसुनवाई में गूंजे भूमि विवाद व अवैध कनेक्शन के मामले, आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

20.85 लाख की धनराशि वापस दिलाई, सोलर कंपनियों पर भी सख्ती के संकेत

भीमताल , 25 अप्रैल। हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनता की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया। भूमि विवाद, अवैध जल कनेक्शन, सोलर कंपनियों की लापरवाही और भरण-पोषण जैसे गंभीर मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान बगड़ मल्ला क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकारी पेयजल लाइनों से होटलों को अवैध कनेक्शन दिए जाने की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जल संस्थान के अधिकारियों को तलब कर फटकार लगाई और तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध कनेक्शन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी।

भूमि अभिलेखों के तहसील में पाए जाने के मामले को भी आयुक्त ने गंभीरता से लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भू-अभिलेख रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित रखे जाएं और तहसीलों में केवल दैनिक कार्यों से संबंधित अभिलेख ही रहें। इस संबंध में कुमाऊं मंडल के सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

जनसुनवाई में एक महत्वपूर्ण प्रकरण में तुनाकोट, रानीखेत निवासी भगवती देवी को 20.85 लाख रुपये की धनराशि वापस दिलाई गई। शेष 1.15 लाख रुपये भी शीघ्र दिलाने के निर्देश संबंधित पक्षों को दिए गए। इस पर शिकायतकर्ता ने आयुक्त का आभार जताया।

सोलर सिस्टम से जुड़ी शिकायत पर आयुक्त ने कहा कि कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच हुए अनुबंध की जानकारी उपभोक्ताओं को होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कंपनियों की तकनीकी निरीक्षण की जिम्मेदारी तय है और सब्सिडी की प्रक्रिया भी कंपनी के माध्यम से ही पूरी की जाती है। भविष्य में शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।

इसके अलावा टीपी नगर क्षेत्र में ज्वेलरी चोरी के मामले में भी आयुक्त ने पुलिस को जांच के निर्देश देते हुए अगली जनसुनवाई में संबंधित पक्षों को उपस्थित कराने को कहा।

जनसुनवाई में अन्य मामलों में भी अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

You May Also Like

+ There are no comments

Add yours