अवैध भ्रूण लिंग जांच पर सख्ती: बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड मशीन की सूचना देने पर ₹50 हजार इनाम, डेंगू रोकथाम को भी कड़े निर्देश

भीमताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा है कि बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग करने वालों की सूचना देने पर ₹50 हजार का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह निर्देश गुरुवार को पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित जिला सलाहकार समिति की बैठक में दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत को सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में किसी भी स्तर पर भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं होना चाहिए। संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्रों की सूचना मिलते ही तत्काल छापेमारी की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग कानूनन अपराध है।

डेंगू रोकथाम के लिए सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश

मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, नगर विकास और पंचायतीराज विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सर्विलांस, समय पर जांच और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

नगर निकायों और पंचायतीराज विभाग को नालियों की नियमित सफाई, जलभराव का त्वरित निस्तारण, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने तथा लोगों को घरों में पानी जमा न होने देने के प्रति जागरूक करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे पूरे बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छररोधी उपाय अपनाएं तथा बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने सरकारी और निजी चिकित्सालयों में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि एक्ट के तहत सभी अस्पतालों में मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखना अनिवार्य है। यह अधिनियम मेटरनिटी होम, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, नर्सिंग होम तथा एलोपैथी, आयुर्वेद और होम्योपैथी से जुड़े सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर समान रूप से लागू होता है। साथ ही आपातकालीन स्थिति में मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना प्रत्येक संस्थान की कानूनी जिम्मेदारी है।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत सहित स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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