भीमताल। जनपद के दूरस्थ क्षेत्र श्री डूंगर सिंह बिष्ट आगर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज टांडी पोखराड में मंगलवार को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल द्वारा किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में सिविल जज (सीडी) एवं सचिव पारुल थपलियाल ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई।
शिविर में पारुल थपलियाल ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून नशीले पदार्थों के व्यापार, उत्पादन, खरीद-बिक्री और उपयोग को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की मात्रा के आधार पर सजा निर्धारित होती है, जिसमें छोटी मात्रा पर एक वर्ष तक की सजा और जुर्माना, जबकि व्यावसायिक मात्रा पर 10 से 20 वर्ष तक का कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को इस कानून के तहत सुरक्षा प्राप्त है। इस कानून के तहत बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन कृत्य अपराध माना जाता है और मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में बंद कमरे में की जाती है। उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
इसके अलावा शिविर में मोटर वाहन अधिनियम और मानव तस्करी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता प्रदान की गई। छात्र-छात्राओं को कानूनों के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य एस.के. दीक्षित, पीएलवी भवान पुरी एवं यशवंत कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

+ There are no comments
Add yours