किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में लापरवाही न हो, पात्र किसानों को ही मिले सब्सिडी

आयुक्त ने एग्रीस्टैक और किसान आईडी की प्रगति की समीक्षा की, फसलों को जंगली व आवारा पशुओं से बचाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

भीमताल, 14 अगस्त। पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश कुमाऊं आयुक्त ने अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक एवं पात्र किसानों को ही मिलना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ ही जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

शुक्रवार को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण सभागार, नैनीताल में कुमाऊं आयुक्त की अध्यक्षता में उद्यान एवं कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं तथा एग्रीस्टैक (प्रगति पोर्टल) की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उद्यान विभाग की मिशन सेव, कीवी, पॉलीहाउस समेत अन्य योजनाओं और कृषि विभाग की पल्स सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।

किसान आईडी की प्रगति जानी

आयुक्त ने बैठक में किसान आईडी (Farmer ID) के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया, इसके उपयोग और इससे किसानों को मिलने वाले लाभों के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किसान आईडी से संबंधित कार्यों में तेजी लाने और आवश्यक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने पात्र किसानों को मिल रही सहायता, लाभार्थियों के सत्यापन और योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

दालों के उत्पादन पर भी जोर

बैठक में दालों के उत्पादन और इससे जुड़ी गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों से किसानों के हित में आवश्यक सुझाव लिए और कृषि क्षेत्र में संचालित योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि एवं उद्यानिकी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

जंगली और आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा पर मंथन

किसानों की फसलों को जंगली एवं आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान का मुद्दा भी बैठक में उठा। आयुक्त ने अधिकारियों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी एवं व्यावहारिक उपायों के सुझाव मांगे।

उन्होंने चेन फेंसिंग, सब्सिडी समेत अन्य संभावित उपायों पर चर्चा करते हुए किसानों की फसल सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से लेते हुए ऐसे उपाय किए जाएं, जिससे फसलों को नुकसान से बचाने के साथ किसानों को आर्थिक क्षति से भी राहत मिल सके।

कीवी और पॉलीहाउस से बढ़ेगी किसानों की आय

आयुक्त ने कीवी, सेव और पॉलीहाउस जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं। विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इनसे जोड़ा जाए।

एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपडेट करने के निर्देश

बैठक में एग्रीस्टैक (प्रगति पोर्टल) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को किसानों और योजनाओं से संबंधित आवश्यक विवरण पोर्टल पर समयबद्ध रूप से शत-प्रतिशत अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता को प्रभावी बनाया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।

बैठक में संयुक्त निदेशक अर्थ एवं सांख्यिकी राजेंद्र तिवारी, संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. नरेंद्र कुमार, संयुक्त निदेशक कृषि अभय सक्सेना सहित कुमाऊं मंडल के सभी जिला कृषि अधिकारी एवं उद्यान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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