भीमताल, 13 अगस्त। दमुवाढूंगा क्षेत्र के पात्र निवासियों को भूमि का मालिकाना हक दिलाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन के निर्देश पर क्षेत्र के सीमांकन, सर्वे और बंदोबस्ती की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासन ने ड्रोन के माध्यम से क्षेत्र का डिजिटल सर्वे कर पीलर स्थापित किए हैं। राजस्व प्रशासन ने सर्वे और अभिलेख संबंधी आवश्यक कार्रवाई भी पूरी कर ली है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि दमुवाढूंगा में निवासरत पात्र लोगों के अधिकार और हिस्सेदारी से संबंधित अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। स्वामित्व योजना के तहत पात्र क्षेत्रवासियों को उनकी भूमि से जुड़े अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
ड्रोन से डिजिटल बंदोबस्ती की पहल
दमुवाढूंगा क्षेत्र में सीमांकन और बंदोबस्ती की प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के माध्यम से की जा रही है। ड्रोन सर्वे के जरिए डिजिटल अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे बंदोबस्ती की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी।
वर्षों के संघर्ष के बाद मालिकाना हक की उम्मीद
दमुवाढूंगा के लोग लंबे समय से अपनी भूमि पर मालिकाना हक की मांग करते आ रहे हैं। सरकार की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है।
इसी क्रम में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल से मुलाकात कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मालिकाना हक की प्रक्रिया जल्द पूरी कर पात्र लोगों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि पात्र लोगों के भू-अधिकारों से संबंधित अभिलेख नियमानुसार तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। इससे दमुवाढूंगा के पात्र निवासियों को उनकी भूमि से जुड़े अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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