भीमताल । राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने मंगलवार को नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने एमएस एक्ट 2013 की जानकारी देते हुए बताया कि हाथ से मैला ढोने की अमानवीय प्रथा को पूरी तरह समाप्त किया गया है। इस एक्ट के तहत सफाई कर्मचारियों की मृत्यु पर 30 लाख रुपये और अपंगता की स्थिति में 20 लाख रुपये तक की धनराशि का प्रावधान है। मकवाना ने नगर निगम, जल संस्थान और नगर पालिकाओं को सभी सफाई कर्मचारियों का बीमा कराने और सीवर-नालियों की सफाई के दौरान पीपीई किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही नमस्ते योजना के तहत पंजीकरण अनिवार्य कराने को कहा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुनर्वास के लिए तय 20 लाख रुपये की राशि अब तक किसी भी कर्मचारी को नहीं दी गई है, इसलिए अधिकारियों को गांव-गांव कैम्प लगाकर जानकारी उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के लिए आयुष्मान और गोल्डन कार्ड बनाए जाने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और मृत्यु पर आश्रितों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी देने के निर्देश दिए। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर देयकों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।
मकवाना ने नैनीताल बैंक के जीएम दीपक पंत को भी लंबे समय से सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिशासी अधिकारी नैनीताल की अनुपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए। बैठक में नगर आयुक्त ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह रावत, डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी, डॉ. जे.एस. तितियाल, जनसम्पर्क अधिकारी आलोक उप्रेती समेत बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।

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