भीमताल। जनपद के निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर गठित संयुक्त समितियां अब निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करेंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक संस्थानों में हुई आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का संयुक्त निरीक्षण कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान संस्थानों की मान्यता, पंजीकरण और संचालन संबंधी अनुमति पत्रों की जांच के साथ अग्निशमन विभाग द्वारा जारी फायर एनओसी की वैधता और अनुपालन का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास व्यवस्थाओं की कार्यशीलता भी परखी जाएगी।
संयुक्त टीम भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, कक्षाओं की क्षमता, छात्र संख्या, विद्युत वायरिंग, डीजी सेट, गैस भंडारण तथा अन्य संभावित अग्नि जोखिमों का भी आकलन करेगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, प्रवेश-निकास नियंत्रण व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा, पृथक शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र की उपलब्धता की भी जांच होगी।
निरीक्षण में आपदा प्रबंधन योजना, निकासी मानचित्र, मॉक ड्रिल, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन चिकित्सा सहायता, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की स्थिति और विद्यालय परिवहन व्यवस्था के सुरक्षा मानकों को भी शामिल किया गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित निकासी व्यवस्था का परीक्षण भी किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अधिक छात्र संख्या वाले निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निरीक्षण के समय संस्थानों को सभी आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों के लिए सुधारात्मक निर्देश जारी किए जाएंगे, जबकि गंभीर अनियमितताओं की स्थिति में संबंधित अधिनियमों के तहत कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
जिलाधिकारी ने गठित समितियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण कार्य पूरा होने के बाद 15 दिनों के भीतर विस्तृत संयुक्त रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा।

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