हरिद्वार कुंभ-2027 के लिए 115.61 करोड़ मंजूर, स्वच्छता और जनस्वास्थ्य व्यवस्थाएं होंगी मजबूत

13,915 शौचालय, 8,065 यूरिनल और 2,000 स्नानगृह होंगे स्थापित, निगरानी के लिए बनेगा क्लाउड आधारित सिस्टम

भीमताल। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की कार्यकारी समिति की 70वीं बैठक में हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित “एकीकृत स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट तथा जनस्वास्थ्य प्रबंधन योजना” को मंजूरी देते हुए 115.61 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह परियोजना पूर्णतः केंद्रीय क्षेत्र के अंतर्गत संचालित की जाएगी।

परियोजना का उद्देश्य कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। स्वीकृत धनराशि से कुंभ मेले के लिए 13,915 शौचालय, 8,065 यूरिनल तथा 2,000 स्नानगृह स्थापित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 4,840 कूड़ादान, 31.38 लाख लाइनर बैग, 491 अपशिष्ट संग्रहण वाहन, दो ट्रैश बूम, 15 घाट सफाई मशीनें, 190 स्प्रेइंग मशीन एवं ट्रैक्टर, 55 फॉगिंग मशीनें और 30 घास काटने की मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा कीटनाशक, पीपीई किट, प्राथमिक उपचार किट तथा सड़क सफाई के लिए आवश्यक सामग्री की भी व्यवस्था की जाएगी।

योजना के तहत अपशिष्ट प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए ट्रांसफर स्टेशन सुविधाएं, गैस आधारित शवदाह गृह और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। वहीं निगरानी एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए क्लाउड आधारित डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से स्वीकृत यह धनराशि हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट और जनस्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

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