जमरानी बांध प्रभावितों का फूटा गुस्सा, एक माह में मांगें पूरी न हुईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

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भीमताल : जमरानी बांध परियोजना से प्रभावित डूब क्षेत्र के परिवारों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को हैड़ाखान क्षेत्र के तोक ब्युरा में नुक्कड़ जनसभा आयोजित की गई। हरीश पनेरु के नेतृत्व में हुई जनसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास व अधिकारों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमरानी बांध परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में आने वाले परिवारों को सरकार की ओर से भूमि के बदले प्रत्येक परिवार को पुनर्वास हेतु एक एकड़ भूमि देने का आश्वासन दिया गया था। साथ ही प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा के लिए समुचित पुनर्वास व्यवस्था की बात कही गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। इससे प्रभावित परिवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जनसभा को संबोधित करते हुए हरीश पनेरु ने कहा कि डूब क्षेत्र के प्रभावित परिवारों के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि एक माह के भीतर प्रत्येक प्रभावित परिवार को पुनर्वास के लिए एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर उग्र जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
जनसभा में मौजूद ग्रामीणों ने भी प्रभावित परिवारों के हक की लड़ाई में एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन करने की बात कही।




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