भीमताल । 79 यूके बटालियन एनसीसी, नैनीताल द्वारा घोड़ाखाल में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी) में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक, पूर्व सैनिक और खेल प्रशिक्षक सूबेदार मेजर सुरेश चन्द्र पाण्डे (सेवानिवृत्त) ने कैडेटों को प्रेरणादायी व्याख्यान दिया। उन्होंने अनुशासन, राष्ट्रसेवा, शारीरिक फिटनेस और कठिन परिश्रम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अल्मोड़ा जनपद के निवासी सुरेश चन्द्र पाण्डे ने अपने जीवन संघर्ष और खेल यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय का सदुपयोग आवश्यक है। उन्होंने कैडेटों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका डटकर सामना करने की सीख दी।
व्याख्यान के दौरान कैडेटों को उनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने वर्ष 1985 और 1986 में राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री एवं ओपन मैराथन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अलावा आईएएएफ विश्व क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। केन्या, जापान, मलेशिया और सिंगापुर में भी उन्होंने देश का नाम रोशन किया।
सुरेश चन्द्र पाण्डे ने बताया कि खेल उपलब्धियों के साथ उन्होंने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद वे नियमित अभ्यास करते हैं और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
संवाद सत्र में कैडेटों ने खेल, करियर, नेतृत्व क्षमता, सेना जीवन और आत्मअनुशासन से जुड़े सवाल पूछे, जिनका उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर जवाब दिया। कैडेटों ने उनके विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में एनसीसी अधिकारियों, एएनओ, पीआई स्टाफ एवं कैडेटों ने सूबेदार मेजर सुरेश चन्द्र पाण्डे का आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को नई ऊर्जा मिली है।

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