देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने आज विधानसभा भवन के सामने धरना दिया।
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) पूर्ण बहुमत के साथ पारित किया गया था। लेकिन, भाजपा ने राजनैतिक मजबूरी में पास किए गए इस कानून को लागू करने में आना-कानी शुरू कर दी। विधेयक के प्रावधानों में निर्धारित तिथि तक आरक्षण लागू करने के बजाय बिना जनगणना के मनमाना परिसीमन विधेयक संसद में लाकर सदन को ही नहीं जनता विशेष रूप से मातृशक्ति को गुमराह करने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहली बार राजीव गांधी स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने सम्बन्धी विधेयक लाये थे जिसे नरसिम्हाराव सरकार ने पारित किया। उसी का नतीजा आज देशभर के निकायों में 15 लाख चुनी हुई महिला प्रतिनिधि हैं। महिलाओं के लिए राजनीति में जिस आरक्षण की परिकल्पना राजीव गांधी ने की थी, नारी शक्ति वंदन बिल के रूप में कांग्रेस पार्टी ने उस बिल का स्वागत किया तथा उसे बहुमत के साथ दोनों सदनों में पास कराने में सरकार का सहयोग किया था।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 2008 में डॉ0. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार ने महिला आरक्षण बिल को राज्यसभा में भारी बहुमत से पारित कर लोकसभा में रखने का प्रयास किया था लेकिन तब वर्तमान में सत्ता रूढ़ भाजपा के सांसदों ने इसका घोर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि राजनैतिक मजबूरी के चलते वर्ष 2023 में भाजपा को महिला आरक्षण बिल लाना पड़ा तथा कांग्रेस ने भाजपा सरकार के इस फैसले का स्वागत एवं समर्थन किया था।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विधानसभा एवं लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित होने के चार वर्ष बाद लागू होने की निश्चित तिथि 16 अप्रैल 2026 तक लागू न होने से देश की महिलायें अपने को उपेक्षित महसूस कर रही हैं और भाजपा के नेता एक सोची समझी चाल के साथ लगातार देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं परन्तु अब देश की जनता भाजपा के झांसे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं को बराबर का अधिकार देने के पक्ष में रही है और इसी का परिणाम है कि राजीव गांधी जी ने पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान प्रस्तावित किया जिसे कांग्रेस की तत्कालीन नरसिंम्हा राव सरकार ने लागू भी किया इसके विपरीत भाजपा ने हमेशा महिला आरक्षण का विरोध किया।
डॉ0 हरक सिह ने अपने संबोधन में कहा कि देश की महिला शक्ति भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि लम्बे इंतजार के बाद महिला आरक्षण अधिनियम 2023 के रूप में सदन पटल पर आया तथा कांग्रेस पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों द्वारा महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए इसे पूर्ण बहुमत से पारित करवाया गया परन्तु भारतीय जनता पार्टी उसे लागू करने में आनाकानी कर ठंडे बस्ते में डालने का कुचक्र रच रही है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत, रवि बहादुर, पूर्व मंत्री नवप्रभात, कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा, महामंत्री राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, संजय पालीवाल, अश्विनी बहुगुणा, हरि प्रसाद भट्ट, सुरेन्द्र रांगड़ महेन्द्र सिंह नेगी गुरू जी, संचार कमेटी के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया, पूर्व विधायक राजकुमार, उपेन्द्र थापली, प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, पूर्व मंत्री अजय सिंह, यशपाल चैहान, अमरेंद्र बिष्ट,, राजेंद्र चौधरी, राकेश मियाँ, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, विरेन्द्र पोखरियाल, अमरजीत सिंह, अनुज गुप्ता, प्रवक्ता गरिमा दसोनी, शीशपाल बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा, हेमा पुरोहित, पंकज क्षेत्री, पिया थापा, सूरत सिंह नेगी, दिनेष कौषल, मनीष नागपाल, विकास नेगी, पूनम कंडारी, सावित्री थापा, मोहन काला, आशा डोबरियाल, पुष्पा पंवार, ललित भद्री, अनुराधा तिवाडी, अमित गुप्ता, पिया थापा, गौरव अग्रवाल, संजय शर्मा, संजय अग्रवाल, सुनीत राठौर, रेखा कांडपाल, मोहन खत्री, सोनिया आनंद, आशीष नौटियाल, अजय रावत, संग्राम पुण्डीर, नितिन बिष्ट, प्रशांत खंडूरी, मनमोहन शर्मा, बलवीर पंवार, रितेश क्षेत्री, महेश जोशी, मंजू चैहान, सचिन टिचकुले, टीकाराम पाण्डेय आदि अनेक कांग्रेसजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी एवं ओम प्रकाश सती बब्बन ने संयुक्त रूप से किया।

+ There are no comments
Add yours