गंगा संरक्षण को लेकर सख्त हुआ जलशक्ति मंत्रालय
भीमताल : राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार अब उत्तराखण्ड राज्य के सभी 1 एमएलडी से अधिक क्षमता वाले एसटीपी (सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगा रहा है। इसी क्रम में हल्द्वानी स्थित 28 एमएलडी एसटीपी में शुक्रवार को संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया।
नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में कुल 70 संचालित एसटीपी में से अभी तक केवल 22 में ही यह प्रणाली लगाई जा चुकी है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा उत्तराखण्ड के 18 एसटीपी चिन्हित किए गए हैं, जिनमें ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। हल्द्वानी का 28 एमएलडी एसटीपी भी इन्हीं में शामिल है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान राज्य स्वच्छ गंगा मिशन से श्री रोहित जयाड़ा (मॉनिटरिंग विशेषज्ञ/नोडल अधिकारी), जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे नैनीताल श्री पीयूष तिवारी, अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम श्री सुधीर, एसटीपी मैनेजर और कार्यदायी संस्था M/s Axis Nanotech Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रियल टाइम मॉनिटरिंग से होगी निगरानी
श्री जयाड़ा ने बताया कि यह रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम एसटीपी के कार्यप्रदर्शन की सीधी निगरानी राज्य और केंद्र स्तर से सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के निर्देशानुसार यह प्रणाली अब सभी नए एसटीपी में अनिवार्य कर दी गई है, वहीं पुराने एसटीपी में भी इसे शीघ्र लागू किया जाएगा। इस प्रणाली के लागू होने से न केवल एसटीपी की कार्यप्रणाली पारदर्शी होगी, बल्कि गंगा व उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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