कर्कश हॉर्न पर लगे लगाम, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बताया घातक

Estimated read time 0 min read





अखिलेश सेमवाल ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग

भीमताल : प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड के अखिलेश सेमवाल ने कर्कश हॉर्न के बढ़ते उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण आज एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि आमजन के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत हानिकारक है। सेमवाल ने प्रशासन से अपील की है कि वह इस विषय को प्राथमिकता में लेते हुए ऐसे सभी वाहनों पर कठोर कार्रवाई करे जिनमें तेज और कर्कश आवाज वाले हॉर्न लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण के कारण खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और अस्पतालों के आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे हॉर्न के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग स्वेच्छा से नियमों का पालन करें और एक शांतिपूर्ण वातावरण की स्थापना हो सके। अखिलेश सेमवाल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस गंभीर विषय पर शीघ्र कदम उठाएगा और प्रदेश को ध्वनि प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करेगा।




You May Also Like

+ There are no comments

Add yours