एनजीटी न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद ने की समीक्षा बैठक

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हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी : डॉ. अफरोज

भीमताल : सर्किट हाउस काठगोदाम में शुक्रवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वनों और जल स्रोतों के संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में डॉ. अफरोज अहमद ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की जैवविविधता को बचाना न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित कर ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। हिमालयी क्षेत्र के सतत विकास के लिए हमें वैज्ञानिक और स्थायी नीतियों को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों को पूरी तरह से नियमों और कानूनों के दायरे में लाया जाना चाहिए। मिट्टी, बालू या पत्थर का खनन वैज्ञानिक तरीके से होना चाहिए और इसकी नियमित निगरानी भी की जानी चाहिए। झीलों के संरक्षण की बात करते हुए उन्होंने नैनीताल झील में हाईड्रोबायोलॉजिकल सिस्टम लगाने का सुझाव दिया ताकि झील की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जा सके। डॉ. अहमद ने स्पष्ट किया कि जिला पर्यावरण समितियों की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। इन्हें कचरा प्रबंधन, खनन, जल निकायों की स्थिति, जैव चिकित्सा अपशिष्ट और सीवरेज प्रबंधन जैसे विषयों पर कार्य करना होता है। उन्होंने कहा कि इकोलॉजी और इकोनॉमी को जोड़ते हुए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना आज की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए कि वह आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित कर नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने झीलों की डिमार्केशन (सीमांकन) पर बल देते हुए कहा कि इनके समीप किसी भी प्रकार के निर्माण को प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही लीगेसी वेस्ट को पूरी तरह से नष्ट कर उन स्थानों को हरित क्षेत्र में बदला जाए। बैठक में आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने जानकारी दी कि रुद्रपुर ट्रंचिंग ग्राउंड से एक लाख टन कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है और अब उस भूमि को हरित क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। वहीं, जिलाधिकारी वंदना ने बताया कि नैनीताल में सीवरेज व्यवस्था सुधारने सहित कई पर्यावरणीय कार्य किए जा रहे हैं। हल्द्वानी ट्रंचिंग ग्राउंड में भी कूड़े के निस्तारण का कार्य प्रगति पर है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी.एन. मीणा, मुख्य विकास अधिकारी अनामिका, प्रभागीय वनाधिकारी सी.एस. जोशी, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय शुक्ल, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सुधीर कुमार सहित सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




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