जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में होगी मॉक ड्रिल

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देवखड़ी, सूर्यानाला, लालकुआं व रामनगर क्षेत्र में किया जाएगा आपदा प्रबंधन अभ्यास

भीमताल : मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए राज्यभर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार, 30 जून को नैनीताल जिले के हल्द्वानी, रामनगर एवं लालकुआं क्षेत्र के अति संवेदनशील स्थलों पर मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) किया जाएगा। जिले में आयोजित मॉकड्रिल के संबंध में जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन विवेक राय ने बताया कि यह मॉक ड्रिल उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार की जा रही है, जिसमें राज्य के पांच जिलों—नैनीताल, चंपावत, उधमसिंह नगर, हरिद्वार एवं देहरादून में एक साथ आपदा से पूर्व तैयारी हेतु अभ्यास कराया जाएगा।

नैनीताल जिले में देवखड़ी नाला (हल्द्वानी) अतिवृष्टि से सूखे नाले में अचानक जलस्तर और वेग बढ़ने की स्थिति, नंधौर जलागम क्षेत्र में भारी बारिश से पानी के वेग में तेजी और बाढ़ जैसी स्थिति ,रेलवे क्रासिंग क्षेत्र, लालकुआं में अधिक वर्षा से बाजार में जल भराव की स्थिति, पम्मापुरी वन क्षेत्र से लगे रिहायशी इलाके में अतिवृष्टि से नाले का जलस्तर बढ़ने का खतरा ,चुकम गांव में कोसी नदी में उफान से किनारे बसे गांव में बाढ़ की आशंका आदि स्थानों मॉक ड्रील का अभ्यास होगा। इन सभी स्थानों पर राहत और बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। अभ्यास के लिए संबंधित क्षेत्रों में स्टेजिंग एरिया भी निर्धारित किए गए हैं। स्टेजिंग एरिया देवखड़ी, सूर्यानाला और लालकुआं क्षेत्र तहसील परिसर हल्द्वानी, पम्मापुरी पीएनजीपी डिग्री कॉलेज, रामनगर, चुकम गांव जीआईसी मोहान रहेंगे।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य आवश्यक विभागीय टीमें सम्मिलित होंगी। प्रशिक्षण से मिलेगी तैयारी को मजबूती
अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य मानसून में अचानक उत्पन्न होने वाली आपदा परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया देने की क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।




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