निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर पूरी करें, लागत बढ़ने न पाए : मुख्य सचिव

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भीमताल : डॉ. आर.एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार देर सायं जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं और महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि कार्यों की लागत में अनावश्यक वृद्धि न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी परियोजना के क्रियान्वयन में प्रशासनिक, तकनीकी या प्रक्रियागत बाधा आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए। यदि कोई समस्या शासन स्तर की है तो उसे तुरंत शासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए। उन्होंने सभी विभागों को मासिक लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लंबित टेंडर, स्वीकृतियां और तकनीकी अनुमोदन शीघ्र पूरे किए जाएं तथा जिलास्तर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी नियमित रूप से विकास कार्यों की समीक्षा करें। योजनाओं की प्रगति बढ़ने से राज्य के विकास को गति मिलेगी और जनसुविधाओं में सुधार होगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दीर्घकालिक योजना तैयार करने, कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा वर्क प्लान के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जन शिकायतों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा।
समीक्षा के दौरान नैनीताल जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। लगभग 41 करोड़ रुपये की लागत से मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत कैंची धाम के सौंदर्यीकरण और प्रकाशीकरण कार्य को जून 2026 तक गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए गए।
पेयजल कार्यों की समीक्षा में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। इंद्रानगर नाले के कैचमेंट सीवरेज और प्रदूषण रोकथाम कार्य (लगभग 24 करोड़ रुपये) तथा ओखलकांडा विधानसभा क्षेत्र में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कालाआगर पंपिंग पेयजल योजना को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान 3678.23 करोड़ रुपये की लागत से बन रही जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने परियोजना को निर्धारित समय जून 2029 तक पूरा करने के निर्देश दिए। टनल निर्माण के लिए अधिकारियों को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्यों का अध्ययन करने की भी सलाह दी।
इसके अलावा लगभग 298 करोड़ रुपये की लागत से बलियानाला भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के उपचारात्मक कार्यों को वर्ष 2028 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में काठगोदाम में 67 करोड़ रुपये की लागत से बस टर्मिनल तथा रामनगर में 28 करोड़ रुपये की लागत से रोडवेज बस टर्मिनल और बस डिपो निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
ब्रिडकुल द्वारा कुमाऊं विश्वविद्यालय में 45 करोड़ रुपये की लागत से बीएड एवं विधि संकाय भवन, 44 करोड़ रुपये की लागत से 100 शैया मानसिक चिकित्सालय गेठिया तथा 39 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज में स्टेट कैंसर संस्थान के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
हल्द्वानी शहर में सीवरेज परियोजनाओं के तीन पैकेजों (लगभग 47 करोड़, 56 करोड़ और 41 करोड़ रुपये) तथा 397 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नमो भवन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। नमो भवन निर्माण में हो रही देरी पर मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था से विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही नैनीताल शहर में 96 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, राजस्व वसूली, वन भूमि हस्तांतरण, मुख्यमंत्री घोषणाओं की स्थिति और नशामुक्त उत्तराखंड अभियान की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग को चाक-चौबंद व्यवस्था रखने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं समय से सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




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