ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार, पर्यटक उठा रहे पहाड़ी संस्कृति का आनंद
भीमताल : राज्य सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना पहाड़ों से हो रहे पलायन पर ब्रेक लगाने में मददगार साबित हो रही है। पर्यटन विभाग के जरिए संचालित इस योजना ने कई बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है।
नैनीताल के पास खुर्पाताल निवासी पंकज कोटल्या ने इस योजना का लाभ उठाकर गांव में ही होम स्टे की शुरुआत की। पहले खेती से गुजारा करने वाले पंकज को जब मुनाफा कम होता दिखा, तो उन्होंने पर्यटन विभाग से संपर्क कर योजना की जानकारी ली और फिर 30 लाख रुपये का ऋण लेकर होम स्टे शुरू किया। सरकार ने उन्हें 50 प्रतिशत सब्सिडी दी, साथ ही बैंक ब्याज का भी आधा हिस्सा सरकार वहन कर रही है।
इस समय पंकज का होम स्टे बेहतर चल रहा है और आय का अच्छा जरिया बन गया है। इतना ही नहीं, उन्होंने गांव के दो अन्य लोगों को भी रोजगार पर रखा है। पंकज का कहना है कि पर्यटक उनके होम स्टे में ठहरकर पहाड़ी व्यंजनों और स्थानीय संस्कृति का खूब आनंद ले रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए न केवल ग्रामीणों को रोजगार देना है, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों से हो रहे पलायन को भी रोकना है। पहाड़ों में इस योजना के जरिए पर्यटन को नया आयाम मिल रहा है।

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