श्रीनगर गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल के बिड़ला परिसर में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। एसीएल सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुई सिविल जज श्रीनगर गढ़वाल सुश्री अल्का को विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो ओ.पी. गुंसाई ने स्मृति चिह्न व पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।
सिविल जज ने नेशनल लोक अदालत और महिला स्वतंत्रता विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया और कहा कि भारत में लोक अदालतें न्याय तक शीघ्र एवं सुलभ पहुंच का सशक्त माध्यम हैं। ये वैकल्पिक विवाद समाधान का ऐसा मंच प्रदान करती हैं जहां त्वरित, कम खर्चीला और सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जाता है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह एक प्रभावी माध्यम है, जिससे वे बिना किसी जटिल कानूनी प्रक्रिया में उलझे न्याय प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि महिला स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के लिए कानूनी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। महिलाएं यदि अपने अधिकारों से परिचित होंगी, तो वे किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़ी हो सकती हैं।
यह आयोजन अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं एनएसएस इकाई द्वारा किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के एनएसएस छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

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