देहरादून। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,01,175.33 करोड़ की राशि का बजट प्रस्तुत किया। पहली बार राज्य के बजट ने एक लाख करोड़ की राशि पार की है। बजट में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए 5077 करोड़ की राशि रखी गई है। यद्यपि, महिलाओं के लिए जेंडर बजट 16961.22 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
शहरों में ढांचागत सुविधाओं के विस्तार के लिए 855.95 करोड़ और ग्राम्य विकास के लिए 2856 करोड़ रुपये बजट में दिए गए हैं। अवस्थापना विकास को सर्वोच्च वरीयता दी गई। इस पर 14 हजार करोड़ से अधिक राशि खर्च की जाएगी। उत्तराखंड में स्वास्थ्य एवं शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 16202 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
समान नागरिक संहिता के क्रियान्वित करने के लिए 30 करोड़ बजट में रखे गए हैं। साथ ही केंद्र की ओर से लागू भारतीय न्याय संहिता के क्रियान्वयन पर होने वाले खर्च के लिए 20 करोड़ दिए गए हैं। प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इस संबंध में खुफिया तंत्र को सशक्त बनाने के लिए पुलिस विभाग को 10 लाख रुपये की राशि का प्रविधान किया गया है।

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