भीमताल। राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को विकास भवन भीमताल स्थित जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी कार्यालय में गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महान सांख्यिकीविद् प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती पर उनके सांख्यिकी एवं देश की आर्थिक योजना में दिए गए योगदान को याद करते हुए गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन और प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई।
भारत सरकार वर्ष 2007 से प्रत्येक वर्ष 29 जून को प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाती है। इस वर्ष दिवस की थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” रखी गई, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता का बेहतर उपयोग कर विकास प्रक्रिया को सशक्त बनाना है।
गोष्ठी में अपर सांख्यिकीय अधिकारी कमल सिंह मेहरा ने प्रो. पी.सी. महालनोबिस के सांख्यिकी के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नीति निर्माण और प्रभावी निर्णय लेने में सांख्यिकीय आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
परियोजना अर्थशास्त्री महेन्द्र सिंह जीना ने गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन के लिए सुझाव दिया कि सभी संबंधित विभाग आवश्यक सूचनाएं ऑनलाइन सॉफ्टवेयर पर समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों का संकलन और विश्लेषण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुरेश लाल ने आंकड़ों की गुणवत्ता और उनकी विश्वसनीयता के महत्व पर अपने विचार रखे। गोष्ठी में भूवन चन्द्र, भरतमणि कनौजिया, पंकज रावत, संजय त्रिपाठी तथा दिनेश सिंह पागती सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और सांख्यिकी के महत्व पर चर्चा की।

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