भीमताल, 24 अप्रैल। पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते बाघ के आतंक और वनाग्नि की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार और वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद सरकार और वन विभाग निष्क्रिय बने हुए हैं, जिससे आम जनता भय के साए में जीने को मजबूर है।
उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों से बाघ के हमलों में लगातार लोग शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार ठोस रणनीति बनाने में विफल रही है। आरोप लगाया कि सरकार केवल आर्थिक सहायता के नाम पर चेक वितरित कर “फोटोशूट” करने में लगी है, जबकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम नहीं किए जा रहे।
मनोज शर्मा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में भदयूनी, ज्योली सहित कई स्थानों पर बाघ की सक्रियता बनी हुई है, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन तक सीमित हैं और विभागीय समन्वय के अभाव में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। साथ ही, कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों से विवाद करने से कार्य करने वाले कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यापक रणनीति बनाकर अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाता, तो इतनी घटनाएं नहीं होतीं। वर्तमान स्थिति में वन विभाग बिना ठोस योजना के कार्य कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि प्रदेश के जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था सेना को सौंपी जाए, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही, बाघ हमलों में मृतकों के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और इच्छुक परिजनों को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है।

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