लम्पी वायरस की रोकथाम को रामगढ़ में जागरूकता शिविर

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पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव और टीकाकरण की दी जानकारी

भीमताल। विकासखंड रामगढ़ के ग्राम मल्ली सिनौली में सोमवार को पशुपालन विभाग की ओर से लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) की रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पशु चिकित्सा अधिकारियों ने पशुपालकों और ग्रामीणों को लम्पी वायरस के लक्षण, संक्रमण के कारणों तथा बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी।

पशु चिकित्सकों ने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज गौवंशीय पशुओं में होने वाला संक्रामक रोग है। यह मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और अन्य कीटों के काटने से फैलता है। बीमारी की स्थिति में पशु के शरीर पर गांठें पड़ना, तेज बुखार, आंख-नाक से पानी आना, दूध उत्पादन में कमी और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर संक्रमित पशु को तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। पशु बाड़े और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखें तथा मच्छर-मक्खियों से बचाव के उपाय करें। पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने के साथ ही किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने की सलाह दी गई। पशुपालकों को बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं उपचार न करने को भी कहा गया।

शिविर में संक्रमित पशु के संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोने तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की जानकारी दी गई। इसके अलावा पशुपालकों को विभागीय योजनाओं, टीकाकरण कार्यक्रम और पशु बीमा योजना के बारे में भी बताया गया। पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया गया।

इस दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में पशुपालक और ग्रामीण मौजूद रहे।




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