बच्चों के स्कूल आने-जाने से लेकर मवेशियों के लिए चारा जुटाने तक में बढ़ा खतरा, ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की मांग की
भीमताल। विकासखंड धारी के बिरसिग्यां खपाल गांव में पिछले कई दिनों से बाघ-तेंदुए की दहशत बनी हुई है। ग्रामीण शिवराज चंद्र की दो बकरियों को तेंदुए ने निवाला बना लिया। घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तथा गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में वन्यजीव की सक्रियता से बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, महिलाओं को गाय, भैंस और बकरियों के लिए चारा लेने जंगल व आसपास के क्षेत्रों में जाने में भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण लोग भयभीत हैं और उन्हें अपने परिवार तथा मवेशियों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
बार-बार सूचना देने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को कई बार क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता के बारे में अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। उन्होंने शासन-प्रशासन और वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने के साथ ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और संभावित घटनाओं का खतरा कम हो।





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