एसआईआर में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, डिजिटाइजेशन की धीमी रफ्तार पर नाराजगी

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भीमताल : विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड प्रकाश चंद्र दुमका ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन आयोग के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंगलवार को नगर निगम सभागार हल्द्वानी में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों के साथ एसआईआर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई।

समीक्षा के दौरान नैनीताल जनपद में गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का प्रतिशत मात्र 48.5 पाए जाने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाते हुए डिजिटाइजेशन कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि गणना प्रपत्रों के वितरण कार्य का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जाए।

बूथों पर कार्य की कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए प्रकाश चंद्र दुमका ने निर्देश दिए कि सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) प्रतिदिन सुबह सात बजे फील्ड में जाकर निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि बीएलओ अपने बूथ क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बीएलओ की लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज कराने और नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने कहा कि जिन बूथों पर एसआईआर अभियान की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां आ रही तकनीकी और अन्य समस्याओं का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से निर्वाचन आयोग के कार्यों को गंभीरता से लेते हुए अभियान को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का आह्वान किया।

बैठक में पारितोष वर्मा, ए.पी. वाजपेयी, मोनिका, नवाजिश खलिक, गोपाल सिंह चौहान, अनुराग आर्य तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे सहित एसआईआर अभियान से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।




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