डीएम ने दिए पारदर्शी जांच और अभिभावकों की शिकायतों के प्राथमिकता से निस्तारण के निर्देश
भीमताल, 22 अगस्त। निजी विद्यालयों की फीस को लेकर मिल रही शिकायतों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा के लिए शनिवार को विकास भवन, भीमताल में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में विकासखंड स्तर पर निजी विद्यालयों की ओर से विभिन्न मदों में किए गए शुल्क समायोजन और शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि विकासखंड के 39 निजी विद्यालयों ने विभिन्न मदों में शुल्क का समायोजन किया है। इसके भौतिक सत्यापन के लिए संबंधित प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है। वहीं, पूर्व में 17 निजी विद्यालयों को जारी नोटिसों के संबंध में जांच और अनुपालन की कार्रवाई मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल की ओर से गठित जांच समिति कर रही है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की भी समीक्षा
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर अभिभावक बृजलाल मीणा की ओर से शुल्क संबंधी दर्ज शिकायत की भी समीक्षा हुई। कार्रवाई के बाद अभिभावक ने विद्यालय प्रशासन से वार्ता कर स्थिति की जानकारी प्राप्त की और अपनी शंकाओं के समाधान के संबंध में लिखित रूप से अवगत कराया।
इसी तरह हिम्मतपुर चौम्वाल निवासी भुवेश भट्ट की ओर से डॉन बॉस्को स्कूल को लेकर की गई शिकायत की जांच के बाद प्रकरण का समाधान किया गया। विद्यालय की ओर से अतिरिक्त शुल्क की धनराशि अगस्त और सितंबर 2026 की फीस में समायोजित की जाएगी। अन्य मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई जारी है।
वेंडी पब्लिक स्कूल में 31 अगस्त को जांच और सुनवाई
वेंडी पब्लिक स्कूल दौलतपुर से संबंधित शिकायतों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। विद्यालय प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों और प्राप्त शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी प्रकरणों की पारदर्शी जांच और नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए।
इसके तहत 31 अगस्त को सुबह 10 बजे वेंडी पब्लिक स्कूल, दौलतपुर में स्थलीय जांच की जाएगी। इसके बाद दोपहर एक बजे राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय, कालाढूंगी रोड, हल्द्वानी स्थित सीआरसी कार्यालय में सुनवाई होगी।
प्रकरण की जांच और सुनवाई के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसके अलावा मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल ने वित्त अधिकारी, विद्यालयी शिक्षा नैनीताल इंद्र सिंह को भी प्रकरण की जांच के लिए नामित किया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी विद्यालयों से संबंधित शुल्क मामलों की जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ नियमानुसार की जाए। अभिभावकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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