भीमताल, 26 मार्च। जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के तहत नहरों के निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा रही है। अपर जिलाधिकारी (राजस्व) शैलेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में गुरुवार को अधिकारियों की टीम ने परियोजना क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
परियोजना के अंतर्गत काठगोदाम बैराज से निकलने वाली मुख्य नहरों की रीमॉडलिंग एवं रेनोवेशन का कार्य प्रगति पर है। गौलावार मुख्य नहर, गौलावार फीडर नहर, हरिपुरा फीडर नहर एवं पाहा फीडर नहर समेत कुल 40.82 किमी लंबाई में से अब तक 17.38 किमी कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने 15 किमी लंबी हरिपुरा फीडर नहर के निर्माण कार्यों का विशेष रूप से अवलोकन किया। उन्होंने नहर में बन रहे रेगुलेटर, प्रोटेक्शन वर्क, फॉल एवं क्रॉस ड्रेनेज (सीडी) कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की। साथ ही वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाए जा रहे एलिफेंट स्टेप्स, रेप्टाइल क्रॉसिंग जैसे प्रावधानों का भी निरीक्षण किया।
अपर जिलाधिकारी ने विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए निर्माण कार्यों को संतोषजनक बताया। परियोजना इकाई ने जानकारी दी कि वन क्षेत्र में प्रभावित होने वाले पेड़ों के सापेक्ष वन विभाग द्वारा दस गुना वृक्षारोपण किया जाएगा, जबकि नहर के दोनों ओर भी व्यापक पौधारोपण की योजना है।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि नहर के तल एवं पैरापिट पर लगभग 1090 पेड़ होने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इन पेड़ों के पातन की अनुमति का मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। एडीएम ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन स्तर से इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।
बताया गया कि जमरानी बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद नैनीताल व उधमसिंह नगर सहित उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों में 57,065 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपमहाप्रबंधक ललित कुमार, परियोजना प्रबंधक मोहम्मद शाहनवाज, क्षेत्रीय अभियंता एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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