भीमताल, 24 फरवरी। माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन में तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल/जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के मार्गदर्शन में डॉ. राजेंद्र प्रसाद लॉ इंस्टीट्यूट, कुमाऊं विश्वविद्यालय में नालसा (डॉन-ड्रग एब्यूज और वेलनेस नेविगेशन) योजना, 2025 के अंतर्गत विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सिविल जज (सी.डी.)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल पारुल थपलियाल द्वारा उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग के सहयोग से किया गया।
शिविर का शुभारंभ उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों को नशा उन्मूलन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए अपने अनुभव साझा किए और उदाहरणों के माध्यम से बताया कि संगति व्यक्ति के जीवन की दिशा तय करती है। उन्होंने करियर काउंसलिंग पर भी विद्यार्थियों से संवाद किया।
सचिव पारुल थपलियाल ने नालसा ‘डॉन’ योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का उद्देश्य नशा पीड़ितों को कानूनी सहायता एवं पुनर्वास प्रदान कर उन्हें नशामुक्त जीवन की ओर अग्रसर करना है। योजना के अंतर्गत पीड़ितों को परामर्श, निःशुल्क विधिक सेवाएं, सरकारी योजनाओं तक पहुंच एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाता है। नशा मुक्ति की प्रक्रिया के दौरान निःशुल्क वकील, न्यायालय शुल्क में छूट एवं कानूनी सलाह भी प्रदान की जाती है।
शिविर में छात्रों को NDPS Act के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कानून मादक औषधियों एवं साइकोट्रोपिक पदार्थों के उत्पादन, व्यापार, परिवहन, उपयोग और भंडारण को नियंत्रित करता है। इसके अंतर्गत नारकोटिक्स (चरस, गांजा, अफीम, हेरोइन, कोकेन) तथा साइकोट्रोपिक पदार्थ (एलएसडी, एमडीएमए, अल्प्राजोलम आदि) शामिल हैं। दंड प्रावधान मात्रा के आधार पर निर्धारित हैं—छोटी मात्रा पर एक वर्ष तक की सजा या 10 हजार रुपये तक जुर्माना, मध्यम मात्रा पर 10 वर्ष तक की सजा तथा व्यावसायिक मात्रा पर 10 से 20 वर्ष तक का सश्रम कारावास एवं 1 से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
सब-इंस्पेक्टर तल्लीताल मो. युसुफ ने नैनीताल एवं आसपास के क्षेत्रों में मिलने वाले मादक पदार्थों तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला और जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एचओडी सुरेश चन्द पांडे, डॉ. कविता, डॉ. सागर सिंह, एसआई अंजुला जॉन एवं यशवंत कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, विधिक अधिकारों एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया।

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