एचजी डिग्री कॉलेज भीमताल में पॉश अधिनियम पर कार्यशाला, छात्र-छात्राओं को दी विधिक जानकारी

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महिला सशक्तिकरण एवं साइबर सुरक्षा विषयों पर हुआ जागरूकता शिविर

भीमताल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल/जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में एचजी डिग्री कॉलेज भीमताल में महिला सशक्तिकरण विषय पर पॉश अधिनियम (कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न—रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013) के संबंध में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सिविल जज (सी.डि.)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल पारुल थपलियाल द्वारा किया गया।
शिविर में सचिव ने जानकारी दी कि पॉश अधिनियम 2013 एक कानूनी ढांचा है, जो 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संगठन में महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है। अधिनियम के तहत प्रत्येक संस्था में 90 दिनों के भीतर ‘आंतरिक शिकायत समिति’ (आईसीसी) का गठन अनिवार्य है। 10 से कम कर्मचारियों की स्थिति में शिकायत ‘स्थानीय समिति’ (एलसी) के समक्ष की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि पीड़िता घटना के तीन माह के भीतर लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है। नियोक्ता की जिम्मेदारी है कि वह कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करे, यौन उत्पीड़न के विरुद्ध स्पष्ट नीति बनाए और नियमित कार्यशालाएं आयोजित करे। अधिनियम के दायरे में शारीरिक संपर्क, यौन संबंध बनाने की मांग, अशोभनीय टिप्पणी, अश्लील सामग्री दिखाना या किसी भी प्रकार का अवांछित मौखिक, गैर-मौखिक या शारीरिक आचरण शामिल है। आरोप सिद्ध होने पर सेवा नियमों के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है।
झूठी शिकायत की स्थिति में भी सेवा नियमावली के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। जांच समिति की संस्तुति पर चेतावनी, माफी मांगने का निर्देश अथवा गंभीर मामलों में सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जा सकती है। शिविर में घरेलू हिंसा अधिनियम की भी विस्तृत जानकारी दी गई तथा महिला हेल्पलाइन 1098 के बारे में अवगत कराया गया।
इस दौरान सब इंस्पेक्टर भीमताल गुरविंदर कौर ने साइबर अपराध के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि इंटरनेट या नेटवर्क के माध्यम से की जाने वाली अवैध गतिविधियां जैसे डेटा चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी और हैकिंग दंडनीय अपराध हैं। ऐसे मामलों की शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पोर्टल पर की जा सकती है। सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डॉ. मंजू नेगी, यशवंत कुमार सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




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