भीमताल : राजकीय इंटर कॉलेज भौंरसा को कलस्टर योजना के तहत अन्य विद्यालयों में मर्ज करने की कवायद के खिलाफ विरोध तेज़ हो गया है। सोमवार को विद्यालय परिसर में शिक्षक-अभिभावक संघ एवं विद्यालय प्रबंधन समिति की संयुक्त बैठक में सरकार के निर्णय का पुरजोर विरोध किया गया। संघ अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि क्षेत्रवासियों की वर्षों की मांग और संघर्ष के बाद वर्ष 2017 में भौंरसा में इंटर कॉलेज की स्थापना हुई थी, जहाँ दूरस्थ क्षेत्र पस्तौला से 50 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। अगर विद्यालय को बंद कर अन्यत्र मर्ज किया गया तो इन विद्यार्थियों को 20 से 28 किमी दूर तक पढ़ने जाना पड़ेगा। कई इलाकों में आज भी सड़क सुविधा नहीं है, वहीं नदी-नालों और जंगली जानवरों का खतरा अलग बना रहता है।अभिभावकों ने कहा कि जहां एक ओर सरकार ‘सबको शिक्षा’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय बंद कर विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय बंद करने की कोशिश की गई तो वह धरना-प्रदर्शन से लेकर न्यायालय और मानवाधिकार आयोग तक का रुख करेंगे। बालिकाओं की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर रतन सिंह मेहता, रघुवर सिंह, मनीराम, गिरीश पलड़िया, भैरव दत्त, रमेश पलड़िया, यशोदा देवी, चंद्रा पलड़िया, सुरेश चंद्र, मंजू पलड़िया (पूर्व अध्यक्ष), तुलसी शर्मा, मंजू शर्मा, प्रकाश पांडे समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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