भीमताल। काठगोदाम से भीमताल और भवाली तक आए दिन लगने वाले जाम से भीमताल विधानसभा क्षेत्र के व्यापारी, किसान, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण पिछले एक दशक से परेशान हैं। सरकार और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के पास जाम की समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं है। पिछले 10 वर्षों से केवल घोषणाएं और दावे किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर परिणाम शून्य हैं। यह आरोप भीमताल विधानसभा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने सरकार, सांसद, विधायक और कैबिनेट मंत्री पर लगाए हैं।
मीडिया को जारी बयान में मनोज शर्मा ने कहा कि भीमताल विधानसभा के सभी ब्लाकों की जनता का जनजीवन पिछले एक दशक से काठगोदाम से भीमताल-भवाली मार्ग पर लगने वाले जाम से प्रभावित है। काठगोदाम से भीमताल पहुंचने में कितना समय लगेगा, इसकी कोई निश्चितता नहीं रह गई है। कई बार एक घंटे का सफर पूरे दिन में भी पूरा नहीं हो पाता। सप्ताहांत के अलावा सामान्य दिनों में भी जाम की स्थिति बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि जाम के कारण सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और आने-जाने का खर्च भी बढ़ रहा है। किसानों का उत्पादन समय पर मंडी तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी भी जाम से प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भी सड़क व्यवस्था से परेशान हैं। इससे उत्तराखंड की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
मनोज शर्मा ने कहा कि एक ओर जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और दूसरी ओर सड़कें भी बदहाल हैं। इसके बावजूद सरकार और सिस्टम के पास पिछले 10 वर्षों में समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की इच्छाशक्ति की कमी के कारण जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधि देशभर से आने वाले भाजपा नेताओं के लिए वीवीआईपी व्यवस्थाएं कर सकते हैं, लेकिन जिस जनता के वोट से वे सत्ता में पहुंचे हैं, उसकी परेशानी उन्हें दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को जनता की पीड़ा और अपनी जिम्मेदारी का अहसास होता तो अब तक वे नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे चुके होते।
मनोज शर्मा ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि जिस समस्या का समाधान सरकार 10 वर्षों में नहीं कर पाई, उससे संबंधित पूरा सिस्टम उन्हें केवल 10 दिन के लिए सौंप दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि छोटे-छोटे बदलावों के माध्यम से 10 दिन में जाम की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान किया जा सकता है और इसके लिए आम जनता को परेशान करने की भी आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्ट नेताओं, नौकरशाहों और माफिया के गठजोड़ से जनता परेशान है, जबकि सत्ता में बैठे लोग समस्याओं से बेपरवाह हैं। उन्होंने सरकार से काठगोदाम-भीमताल-भवाली मार्ग की जाम समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की।

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