ज्योली गांव में आदमखोर का आतंक, महिला को बनाया निवाला

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घटना से दहशत, आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा

भीमताल, 22 अप्रैल। भीमताल ब्लॉक के अंतर्गत ज्योली गांव में बुधवार सुबह आदमखोर के हमले से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर कड़ी नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार, ज्योली गांव निवासी 52 वर्षीय हेमा पांडे सुबह करीब 9 बजे मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। उनके साथ गांव की दो अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। कुछ देर बाद जब हेमा पांडे का कोई पता नहीं चला तो साथ गई महिलाएं घबराकर गांव लौटीं और परिजनों व ग्रामीणों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगल की ओर दौड़े और महिला की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद जंगल से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ या गुलदार ने महिला को अपना शिकार बनाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले भी मनोरा क्षेत्र के मोरा गांव में गुलदार के हमले में एक महिला की जान जा चुकी है। उस घटना के बाद वन विभाग ने एक बाघ को पकड़कर आदमखोर घोषित किया था, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह मौके के लिए रवाना हुए और वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और आदमखोर गुलदार से ग्रामीणों को जल्द निजात दिलाई जाए।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ/गुलदार की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आदमखोर जानवर को जल्द पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित किया जाए।
सूचना मिलने पर मनोरा रेंज के वन अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बाद पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।




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