दो साल से जारी आतंक पर सरकार घिरी, कांग्रेस ने उठाए सवाल
भीमताल। भीमताल ब्लॉक के ज्योली गांव में मंगलवार को बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान हेमा पांडे (पत्नी दयाकिशन पांडे) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है और ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है।
बताया जा रहा है कि भीमताल, धारी और ओखलकांडा ब्लॉकों में पिछले दो वर्षों से बाघ का आतंक लगातार बना हुआ है। खासकर महिलाओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ने से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। जंगलों में चारा लेने और ईंधन की लकड़ी जुटाने जाना भी अब जोखिम भरा हो गया है।
कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए सरकार और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है, लेकिन हर घटना के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि कई बार प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक समस्या उठाई गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। ग्रामीण भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं और सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रही है।
मनोज शर्मा ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि केवल घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों को राहत राशि के चेक देकर फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं। उन्होंने मांग की कि बाघ के आतंक से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और इच्छुक परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही राष्ट्रपति से प्रदेश के जंगलों को सेना के हवाले करने की मांग भी उठाई है।
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और बाघ की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।

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