लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम को 163 टीमें मैदान में

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गांव-गांव पहुंचकर टीकाकरण के साथ पशुपालकों को किया जा रहा जागरूक

भीमताल। जिले में गौवंशीय पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग ने सघन अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर विभाग की 163 टीमें गांव-गांव पहुंचकर टीकाकरण, दवा वितरण और पशुपालकों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे क्षेत्रों से लम्पी वायरस के संक्रमण की शिकायतें सामने आने के बाद पशुपालन विभाग को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद विभाग ने जिलेभर में 163 टीमों को फील्ड में उतारा है।

उन्होंने बताया कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए बाहरी राज्यों और अन्य स्थानों से महिषवंशी एवं गौवंशीय पशुओं के परिवहन पर रोक लगाई गई है। परिवहन के माध्यम से संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

लक्षण दिखें तो पशु को तुरंत अलग करें

जिलाधिकारी ने पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी पशु के शरीर पर गांठें पड़ने, बुखार आने या आंख-नाक से पानी आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग कर आइसोलेशन में रखें। संक्रमित पशु को अन्य पशुओं के संपर्क में आने से बचाएं।

उन्होंने पशु बाड़ों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा मच्छर-मक्खियों के नियंत्रण के लिए कीटनाशक का छिड़काव करने की भी सलाह दी। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय अथवा पशुपालन विभाग की टीम से संपर्क करने को कहा गया है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि विभागीय टीमें लगातार प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच रही हैं। टीमों की ओर से पशुपालकों को घर-घर जाकर बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार के संबंध में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई और आवश्यक सावधानियां बरतकर बीमारी के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।




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