जल गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर रहा एसटीपी, संचालन में सुधार के निर्देश
भीमताल : राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत भीमताल में स्थापित 1.25 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम की अधिष्ठापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस संबंध में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा 18 मई को संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फर्म द्वारा किया गया कार्य संतोषजनक पाया गया। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 1 एमएलडी से अधिक क्षमता वाले एसटीपी में रीयल टाइम डेटा मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। उत्तराखण्ड में संचालित 70 एसटीपी में से 22 में यह सिस्टम पहले से ही सक्रिय है, जबकि 18 अन्य एसटीपी पर यह प्रणाली स्थापित की जा रही है। भीमताल एसटीपी पर स्थापित प्रणाली के अंतर्गत इनलेट और आउटलेट पैनलों पर डेटा लॉगर, मॉडेम और अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। कार्यदायी संस्था M/s Aaxis Nano Tech Pvt. Ltd. द्वारा 17 और 18 मई को सभी उपकरणों का कैलिब्रेशन कार्य भी पूर्ण किया गया।
हालांकि, गंगा तरंग पोर्टल पर अपलोड हो रहे ताजा जल गुणवत्ता आंकड़ों के अनुसार भीमताल एसटीपी वर्तमान में पर्यावरण मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। इस पर नोडल अधिकारी रोहित जयाड़ा ने जल संस्थान को एसटीपी के सुचारु व प्रभावी संचालन के निर्देश दिए हैं। जल संस्थान द्वारा शासन को संचालन व आवश्यक मरम्मत हेतु व्यय प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल यह प्रणाली ट्रायल रन पर एक माह तक संचालित की जाएगी। संतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में कार्यदायी संस्था को कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

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