Uttarakhand: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन में ‘शिव-शक्ति’ ने बनाया नया रिकॉर्ड, जानिए इस प्रोजक्ट की खास बातें

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उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम जोर शोर से चल रहा है। यह रेल लाइन 126 किलोमीटर होगी। खास बात यह है कि इस रेल लाइन में 105 किलोमीटर की 17 सुरंगों को तैयार किया जा रहा है। रेल परियोजना पर सुरंगों की खुदाई का काम लगातार बढ़ रहा है और साथ ही नए रिकॉर्ड भी बनाया जा रहा है। सुरंग की खुदाई करने वाली दो मशीनों शिव और शक्ति ने भी इस परियोजना के काम में नया रिकॉर्ड तैयार किया है। टनल बोरिंग मशीन यानी टीबीएम शिव और शक्ति ने अगस्त महीने में 1080.11 रनिंग मीटर (आरएम) सुरंग का निर्माण किया है। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे पहले एक महीने में सुरंग निर्माण का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड 796 आरएम का था।

Rishikesh Karanprayag Rail Project
आपको बता दें कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। इस परियोजना पर कुल लागत 16,216 करोड़ आएगी। वर्ष 2025 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह रेल लाइन 17 सुरंगों से होकर गुजरेगी। सुरंगों की कुल लंबाई 105 किलोमीटर होगी। इस परियोजना में सबसे लंबी सुरंग देवप्रयाग (सौड़) से जनासू के बीच बन रही है। इसकी लंबाई 14.08 किमी होगी। इस परियोजना का काम एलएंडटी को दिया गया है। सुरंगों की खुदाई में जिन दो टीबीएम का इस्तेमाल हो रहा है, उनका नाम ‘शिव’ और ‘शक्ति’ दिया गया है।

टीबीएम शिव और शक्ति ने बनाया रिकॉर्ड
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत टीबीएम ‘शक्ति’ ने अगस्त महीने में 524.76 आरएम खुदाई की। इसके अलावा टीबीएम ‘शिव’ ने 555.35 आरएम सुरंग की खुदाई कर नया रिकॉर्ड बनाया। टीबीएम शक्ति ने 16 दिसंबर 2022 से खुदाई का काम शुरू किया था। उधर, टीबीएम शिव ने एक मार्च 2023 को खुदाई का कार्य शुरू किया था।

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