भोजन माताओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
भीमताल : प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत जनपद नैनीताल की भोजन माताओं के लिए मशरूम उत्पादन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को मधुबन अरविंदो आश्रम, तल्ला रामगढ़ में खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी और उप शिक्षा अधिकारी हिमांशु बिष्ट के नेतृत्व में आरंभ किया गया।इस कार्यक्रम में नैनीताल जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आई 31 भोजन माताओं ने भाग लिया। यह पहल महानिदेशक झरना कमठान और अपर राज्य परियोजना निदेशक कुदीप गैरोला के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। इससे पहले प्रथम चरण में टिहरी और देहरादून जिलों की 30 भोजन माताओं को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में प्रशिक्षण दिया गया था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भोजन माताओं को मशरूम उत्पादन में दक्ष बनाना है, ताकि वे विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन में मशरूम को शामिल कर सकें और बच्चों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध करा सकें। इसके साथ ही, भोजन माताएं मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं।
प्रशिक्षण की मुख्य बातें जैसे मशरूम उत्पादन की सरल तकनीक सिखाना, मशरूम में मौजूद पोषक तत्वों और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी, प्रयोगात्मक सत्र के माध्यम से भोजन माताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य प्रशिक्षक नवीन नौटियाल और वैशाली थापा (कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान) ने प्रतिभागियों को सरल भाषा में मशरूम उत्पादन की विधियां समझाईं। कार्यक्रम के दौरान पीएम पोषण प्रभारी बंशीधर कांडपाल और फील्ड इन्वेस्टिगेटर मनमोहन ककड़ियाल भी उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित भोजन माताएं अपने-अपने जिलों में अन्य भोजन माताओं और छात्रों को भी मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देने में सक्षम होंगी। मशरूम पोषण से भरपूर होने के कारण यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। साथ ही, भोजन माताओं को स्वरोजगार का अवसर भी मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

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