देहरादून। दून विश्वविद्यालय के रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग द्वारा आयोजित ‘थिएटर इन एजुकेशन’ कार्यशाला के तीन दिवसीय सत्र उत्साह, रचनात्मकता और मानवीय ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए।
कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि “थिएटर इन एजुकेशन शिक्षा को जीवंत और संवेदनशील बनाने का सशक्त माध्यम है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. एचसी पुरोहित ने नाट्यशास्त्र को इसकी समृद्ध परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कार्यशाला का संचालन थिएटर विशेषज्ञ रजनीश बिष्ट ने किया। विभाग के प्राध्यापक डॉ. अजीत पंवार एवं डॉ. कैलाश कंडवाल ने आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
तीन दिवसीय सत्र में ‘स्व-परिचय’, ‘मशीन खेल’, ‘भावात्मक चाल’ और ‘स्थिर चित्र’ जैसे अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने सामूहिकता, अभिव्यक्ति और रचनात्मकता के नए आयामों को अनुभव किया। सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।
इस कार्यशाला में सौ से अधिक छात्र छात्रों ने प्रतिभाग किया जिसमें राजेश भारद्वाज, सरिता भट्ट, सरिता जुयाल , अंजेश कुमार, सुनील सिंह, सोनिया वालिया, जोत्सना इस्टवाल, वैशाली नेगी और गजेंद्र सिंह रावत आदि ने प्रतिभाग किया I कार्यक्रम की सफलता पर कुलसचिव दुर्गेश डिमरी, प्रो. हर्ष डोभाल, प्रो. चेतना पोखरियाल एवं डॉ. राजेश ने विभाग की सराहना की।


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