भीमताल हरेला मेले में उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक ने मोहा मन

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मेले में छोलिया नृत्य, लोकगीतों और झांकियों ने बटोरी तालियां

भीमताल : रामलीला मैदान में चल रहे ऐतिहासिक हरेला मेले के दूसरे दिन भी भीमताल में भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक परिधानों में सजे लोक कलाकारों ने छोलिया नृत्य, जौनसारी लोकगीतों, और कुमाऊंनी झांकियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों ने भी लोक संस्कृति के इस रंगारंग संगम का भरपूर आनंद लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पुष्कर सिंह महरा व ने दीप प्रज्वलित करके किया।उन्होंने कहा कि भीमताल का यह मेला न केवल सांस्कृतिक विरासत का परिचायक है बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।महिला मंगल दलों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्य ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। साथ ही विनोद कुमार एंड टीम द्वारा लोक गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई।बच्चों ने ‘पर्यावरण संरक्षण’ और ‘नारी सम्मान’ पर आधारित नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक संदेश भी दिए।

स्थानीय उत्पादों को मंच, दुकानों में रही खूब रौनक

मेले में लगे स्थानीय उत्पादों की दुकानों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हैंडमेड उत्पाद, जैविक अनाज, पहाड़ी जड़ी-बूटियाँ और पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री जोर-शोर से होती रही। दुकानदारों के मुताबिक, मेले से उन्हें अच्छा व्यापार मिल रहा है। आयोजकों ने स्थानीय जनता और पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।कार्यक्रम में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दीपू चनौतिया,मनोज भट्ट, पंकज जोशी,प्रवीण पटवाल,सभासद शिप्रा जोशी,प्रकाश चंदौला,बंटी आर्या,शुभम् नैनवाल,हेमा दुम्का,विमला आर्या,आशा उप्रेती,विनोद कुमार ,विनीत जोशी आदि उपस्थित रहे।




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