हल्द्वानी। आज प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय हल्द्वानी में Niti Ayog Reserch study on “Transforming Indian Vocational Education Ecosystem” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा को और अधिक बेहतर बनाए जाने हेतु, प्रशिक्षण निदेशालय के अधिकारियों, विभिन्न आईटीआई संस्थानों के प्रधानाचार्यों, कार्यदेशकों, अनुदेशकों, विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों सहित आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों ने भी प्रतिभाग किया ।
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षण नीति की ओर से नामित ड्लॉयड कम्पनी के मैनेजर नमन जैन की ओर से बताया गया कि पूरे देश के कई शहरों में इस तरह की कार्यशाला आयोजित कर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से सुझाव लिए जा रहे हैं, जिसके आधार पर भविष्य की व्यावसायिक शिक्षा नीति हेतु उक्त सुझावों को भारत सरकार की भेजा जाएगा और उक्त सुझावों को इसमें सम्मिलित किया जाएगा ।
कार्यशाला का शुभारंभ प्रशिक्षण निदेशालय में संयुक्त निदेशक मयंक अग्रवाल द्वारा किया गया, एवं प्रदेश स्तर पर आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों हेतु व्यवसायिक शिक्षा को और अधिक बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दिए गए । इसके अतिरिक्त उपनिदेशक स्मिता अग्रवाल, आर एस मर्तोलिया, नोडल आईटीआई देहरादून के प्रधानाचार्य मनमोहन कुड़ियाल, प्रधानाचार्य काशीपुर जे पी टम्टा, प्रधानाचार्य सितारगंज इतिका त्यागी, प्रधानाचार्य टनकपुर कवींद्र कन्याल, प्रधानाचार्य बाजपुर राजीव पुष्पांकर, प्रधानाचार्य दिनेशपुर मनोहर लाल, प्रधानाचार्य पंतनगर आनंद प्रकाश सहित कार्यदेशक बीबी जोशी, सुनीता जोशी, दीपिका लोहनी, अनुदेशक आर पी जोशी, ललिता सुंदरियाल, विनोद भट्ट, आर पी पांडे, ललित मोहन आर्य, टाटा, डाबर सहित कई इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों, सहित कई प्रशिक्षार्थियों ने अपने विचारों को साझा किया ।
कार्यशाला में प्रश्नोत्तरी एवं ग्रुप डिस्कशन के माध्यम से भी सुझाव लिए गए ।

+ There are no comments
Add yours