भीमताल । उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर देहरादून में चल रहे आंदोलन को प्रमुख राज्य आन्दोलनकारी एवं पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरु ने समर्थन दिया। पनेरु सोमवार को आंदोलन स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने उपनल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए वर्तमान राज्य सरकार पर तीखे शब्दों में निशाना साधा। हरीश पनेरु ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में पिछले 10–15 वर्षों से हजारों उपनल कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी अत्यंत कम वेतन पर कार्य करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय एक वर्ष पूर्व आदेश दे चुका है, इसके बावजूद राज्य सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर कर्मचारियों के घाव पर नमक छिड़कने का काम किया। पनेरु ने कहा कि लगभग एक सप्ताह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी है, फिर भी राज्य सरकार उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां विधायकों की तनख्वाह चार लाख रुपये से ऊपर कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से सेवाएं दे रहे उपनल कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है।
आन्दोलनरत कर्मचारियों को संबोधित करते हुए हरीश पनेरु ने आश्वासन दिया कि यदि सरकार उपनल कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो वह राज्य आन्दोलनकारी के रूप में उनके आंदोलन को हर स्तर पर समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए वह “जान देने तक” को तैयार हैं और जहां भी बुलाया जाएगा, आंदोलनकारियों के बीच उपस्थित रहेंगे।
पनेरु ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को सम्मानजनक व स्थायी रोजगार मिलता है, तो उसके पूरे परिवार का जीवन सुखमय होता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में सरकार की नीतियों के कारण हजारों परिवारों की खुशियां छीनी जा रही हैं, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए उपनल कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण किया जाए।

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