अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के तहत हल्द्वानी में सात दिवसीय सहकारिता मेला शुरू

सांसद अजय भट्ट व सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संयुक्त रूप से किया शुभारंभ, स्थानीय उत्पादों की बिक्री व महिला समूहों के सशक्तीकरण पर जोर

भीमताल । संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने के अवसर पर उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय सहकारिता मेले का मंगलवार को नैनीताल-उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया।
मेले के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद अजय भट्ट एवं अति विशिष्ट अतिथि सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने फीता काटकर मेले का औपचारिक शुभारंभ किया तथा मैदान में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों, उद्यमियों तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाले स्टॉलों की जानकारी ली और प्रदर्शकों का उत्साहवर्धन किया। मेले में सरकारी विभागों, विभिन्न समूहों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं स्थानीय उत्पादों के लगभग 150 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से कृषकों, महिला समूहों, उद्यमियों और स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि सहकारिता मेला आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, किसान, उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को नई पहचान देना तथा स्थानीय उत्पादों के लिए स्थायी बाजार तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है, ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और महिला समूहों की आर्थिकी मजबूत हुई है। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में भी सहकारिता ग्रामीण विकास की रीढ़ बनेगी।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अंतर्गत राज्य में सहकारिता के विस्तार के लिए प्रत्येक जिले में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह राज्य का सातवां सहकारिता मेला है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग प्रतिभाग कर योजनाओं व अवसरों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में दीनदयाल उपाध्याय किसान योजना एवं अटल आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वर्तमान में यह संख्या 15 लाख तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध करा रही है। अब तक लगभग 8000 करोड़ रुपये का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसी प्रकार महिला समूहों को भी शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जा रहा है। अब तक 8200 महिला समूहों को पांच-पांच लाख रुपये प्रति समूह तक का ऋण प्रदान किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में दो लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार की जा चुकी हैं, जबकि चार लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य में मोटे अनाज को बढ़ावा देने हेतु सहकारिता विभाग के माध्यम से 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मड़ुवा क्रय किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सहकारिता विभाग जहां 57 करोड़ रुपये के घाटे में था, वहीं वर्तमान में विभाग लगभग 300 करोड़ रुपये के लाभ में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक स्थानीय उत्पाद की ब्रांडिंग कर उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
सहकारिता मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सहकारिता विभाग के माध्यम से तीन महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की जा रही हैं। पहली योजना के तहत बुजुर्ग, महिलाएं और युवा जो भारत दर्शन यात्रा करना चाहते हैं, ऐसे समूहों को सहकारी बैंक के माध्यम से दो लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। दूसरी योजना में महिलाओं को 21 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक का ऋण स्वरोजगार और लघु उद्यमों के लिए बिना किसी गारंटी के सहकारी बैंक से दिया जाएगा। तीसरी योजना अंत्योदय परिवारों से जुड़े उन लोगों के लिए है, जो फल, सब्जी आदि के फड़ या ठेले लगाते हैं। ऐसे लाभार्थियों को त्वरित सामग्री क्रय करने के लिए तीन दिन या अल्प अवधि हेतु एक प्रतिशत ब्याज पर ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये तीनों योजनाएं जनवरी माह से लागू की जाएंगी।
कार्यक्रम में सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक प्रदीप मल्होत्रा ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत करते हुए सहकारिता मेले के उद्देश्य और आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। विभाग के संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल ने सहकारिता मेले के उद्देश्यों, प्रतिभाग करने वाले संस्थानों एवं समूहों तथा योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दायित्वधारी दिनेश आर्य, सुरेश भट्ट, दीपक मेहरा, शंकर कोरंगा, नवीन लाल वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी देवी, दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा, आंदोलनकारी हुकुम सिंह कुंवर, भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत, चंदन बरगली, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सहकारी बैंक के एमडी प्रदीप मल्होत्रा, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, सहायक निबंधक डीएस नपलचियाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के कुल 12 लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए गए।

मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों तथा विभिन्न सरकारी विभागों के साथ-साथ अन्य संस्थानों के भी स्टॉल लगाए गए हैं। मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत आँचल कला केंद्र की टीम ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों की प्रस्तुति देकर सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विभु कृष्णा एवं मीनाक्षी ने संयुक्त रूप से किया।

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