स्थानीयों और पर्यटकों की परेशानी बढ़ी, प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा
भीमताल : पर्यटन नगरी भीमताल में झील किनारे दीनदयाल उपाध्याय पार्क के समीप स्थापित सीवर पंप से उठती दुर्गंध ने स्थानीय नागरिकों और सैलानियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। झील तट के पास बने इस पंप से निरंतर उठ रही दुर्गंध के चलते राहगीरों का गुजरना तक दूभर हो गया है। यह स्थिति न केवल स्वच्छता के लिहाज से चिंताजनक है, बल्कि भीमताल की पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुंचा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र में जगह-जगह लीकेज हो रही सीवर लाइनें, पुराने और जर्जर पंप हाउस तथा मुख्य प्लांट से लेकर झील तक फैली अव्यवस्था इस संकट की मूल वजह है। बावजूद इसके विभागीय तंत्र इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। जल संस्थान और जल निगम एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने भीमताल की बिगड़ती सीवर व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने मांग की है कि नगर में 24 घंटे सेवाएं देने वाली बड़ी सीवर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, सभी लीकेज पाइपलाइन की मरम्मत हो, मुख्य प्लांट व झील किनारे बने पंप का ऊँचीकरण किया जाए, साथ ही नगर के अन्य इलाकों में प्रस्तावित सीवर लाइन निर्माण कार्यों को शीघ्र शुरू किया जाए।
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प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
लंबे समय से स्थानीय लोग यह मुद्दा विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन हर बार बजट की कमी और अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। अब जनता की मांग है कि भीमताल की सीवर व्यवस्था को नैनीताल की तर्ज पर आधुनिक और व्यवस्थित बनाया जाए।
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पर्यावरण और पर्यटन दोनों पर खतरा
झील की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर बनती जा रही है। स्वच्छता के मानकों पर हो रही लगातार गिरावट से नगर की छवि धूमिल हो रही है।
नगरवासियों ने शासन और प्रशासन से अपील की है कि भीमताल की दुर्गंधमुक्ति और सीवर संकट के स्थायी समाधान हेतु ठोस योजना तैयार कर, तत्काल मरम्मत एवं निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाए ताकि नगर की निर्मलता, स्वच्छता और पर्यटन महत्त्व बना रहे।

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