बच्चों की सुरक्षा व अधिकारों को लेकर विभिन्न विभागों ने साझा किए विचार
भीमताल । उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं डॉ. आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को गौलापार स्थित प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र, बागजाला में एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बच्चों के अधिकारों, उनके संरक्षण, आयोग के उद्देश्यों, अधिकारों एवं शक्तियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से जुड़े स्कूली बच्चों को भी जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य, श्रम व शिक्षा विभागों से आए अधिकारियों से बाल अपराधों की रोकथाम हेतु गंभीरता से कार्य करने की अपील की। कन्या भ्रूण हत्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने इसके रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता की आवश्यकता बताई। बाल अधिकार संरक्षण आयोग के उप सचिव एस. के. सिंह ने आयोग द्वारा संचालित गतिविधियों, जनपदवार जागरूकता शिविरों और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों की जानकारी साझा की। कार्यशाला में समान नागरिक संहिता, भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा बच्चों को नशे से बचाने जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष देवकी आर्य, सदस्य विनोद जोशी, विनीता पाठक, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य नजर अली, जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा आर्या, उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी से रजनी तिवारी, उत्तराखण्ड ओपन यूनिवर्सिटी से प्रो. दिग्विजय सिंह सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि व स्कूली छात्र-छात्राएं कार्यशाला में उपस्थित रहे।कार्यशाला का संचालन रजनी तिवारी द्वारा किया गया।

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