भीमताल : पर्यटन नगरी के रूप में प्रसिद्ध भीमताल की छवि इन दिनों डांठ स्थित पार्किंग की बदहाल स्थिति के कारण धूमिल हो रही है। नगर में प्रवेश करने वाले पर्यटकों की गाड़ियां जिस पहले स्थान पर रुकती हैं, वह पार्किंग अव्यवस्था और गंदगी की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। वर्षों से पार्किंग में लावारिस हालत में खड़ी स्क्रैप गाड़ियां न केवल जगह घेरे हुए हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र को कबाड़खाने में तब्दील कर चुकी हैं। इसके साथ ही पार्किंग क्षेत्र में फैली गंदगी, कूड़ा-कचरा और दुर्गंध, पर्यटकों का स्वागत नहीं, बल्कि उनका मन खराब करने का काम कर रही है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि इस स्थिति को लेकर कई बार संबंधित विभागों को शिकायत की गई है। नगर पंचायत और प्रशासन को मौखिक और लिखित रूप में सूचित किया गया, लेकिन नतीजा हर बार शून्य ही रहा। न तो स्क्रैप गाड़ियों को हटाया गया और न ही पार्किंग की नियमित सफाई करवाई गई। इस लापरवाही का खामियाजा यहां आने वाले पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है, जिससे नगर की साख पर भी असर पड़ रहा है। भीमताल घूमने आए पर्यटक रोशन ठाकुर ने बताया कि शहर की सुंदरता के चर्चे सुनकर वे यहां पहुंचे थे, लेकिन पार्किंग में उतरते ही गंदगी और बदबू से सामना हुआ। एक लखनऊ के पर्यटक ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्यटन प्रदेश में इस तरह की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। शासन-प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग क्षेत्र नगर का प्रवेशद्वार माना जाता है, ऐसे में इसकी साफ-सफाई और सुव्यवस्थित स्थिति जरूरी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्क्रैप गाड़ियां नहीं हटाई गईं और सफाई नहीं करवाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह उठता है कि नगर में हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं, ऐसे में भी प्रशासन आंखें मूंदे क्यों बैठा है? क्या यह स्थिति पर्यटकों के स्वागत योग्य है? क्या भीमताल की छवि को यूं ही धूमिल होने दिया जाएगा?

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